जोगी जोगी देख रे बबुआ,
बड़का बना ई भोगी,
मीरा मीरा जाप करे ,
श्याम ना इसे सुहावे,
मंत्र जपे ना ध्यान करे,
गीत प्रेम लीला के गावे,
नारी देखो आगे आगे,
काहे जोगीड़ा पीछे भागे,
कहे कि देवी दर्शन भयो है,
प्रेम सुधा बरसा दे ।
.
वन वन काहे भटके रे मनवा
चल नगरी में प्यारे
मिली पुआ पूरी ठूँस ठूँस के
पाँव पुजइहें हमारे
घर घर जाके झुठा जोगीड़ा
काहे माई माई चिल्लावे
इ तो अपने बाप को डँसे निगोड़ा
माई के बेच के खावे।
.
देख चोर जोगीड़ा के दाढी में तिनका
रतिए रतिए खेत चर जाए
छुप छुप चुगे दाना दुनका
बड़का बड़का स्वांग भरे इ
बड़का जाल बिछावे
सब मुरख मिली फ़ँसे जब
मन मन ताली बजावे
सुन प्रशंसा बड़ तपसी के
जोगीड़ा जल भून जाए
नाम तो जपे आलोक निरंजन
आ सब के परलोक पहुँचाए ।
.
काम पड़न वाह जोगीड़ा
गदहे के बाप बनाए
आ काम हो जावे पर मारे दुलत्ती
जोगीड़ा खुद गदहा बन जाए
ओकरा मन में पाप पले ना संतन की बूटी
गुण तो एक्को देखे ना भैया
बस त्रुटि हीं त्रुटि
समझ तू बबुआ इ जोगी का फेरा
जोगी नहीं इ मनवा मेरा तेरा ।
Nishikant Tiwari
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Thursday, August 16, 2007
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